ज़रूर मिलेगी नौकरी/Job – यदि चुनेंगे सही Career Options.

ज़रूर मिलेगी नौकरी/JOb – यदि चुनेंगे सही Career Options.


Career का चुनाव आपकी ज़िन्दगी का turning point हो सकता है.


अतः career का चुनाव करते समय आपको नीचे लिखी बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए:

1 – Job/ नौकरी : आपको यह ध्यान रखना होगा कि जो Career Options  आप चुन रहे हैं उसमें Job मिलने की  संभावना कितनी है ?

2 – Career Growth : जॉब मिलने के बाद Career Growth  कैसी होगी

3 – वर्किंग एनवायरनमेंट ( Working Environment ): जहाँ आप काम कर रहे हैं वहां का Environment कैसा है ?

आइये हम इन  points पर विस्तार से चर्चा करें।

1 – Job/ नौकरी : आपको यह ध्यान रखना होगा कि  जो career  आप चुन रहे हैं उसमें Job/नौकरी   मिलने की  संभावना कितनी  है ?

 मैं schools/colleges में career  seminars  में अक्सर बच्चों से बातें करता हूँ और उनसे यह पूछता हूँ कि

आप सभी पढ़ाई क्यों  कर रहे हैं ?

 जवाब आता है Job  /नौकरी के लिए।

 फिर तो पढ़ाई  बाद सबको Job /नौकरी मिल जाती होगी ? मैं पूछता हूँ।

नहीं , उत्तर में कुछ बच्चे बोलते हैं।

 कुछ के चेहरे पर अजीब सी दर्द भरी  मुस्कान आ जाती है और कुछ बच्चे चुपचाप सर झुका लेते हैं।

 जब मैं पूछता हूँ की इतनी पढ़ाई करने के बाद भी अगर नौकरी  नहीं  मिलती  है  फिर आप पढ़ते क्यों हैं ?

 बच्चों को कोई जवाब नहीं सूझता .

मूल प्रश्न यही है कि जब हमें मालूम है कि जीवन के 20  से  25  वर्ष पढाई लिखाई में लगाने के बाद भी Job/ नौकरी मिलना लगभग असंभव सा है तब हम पढ़ते क्यों हैं?

 क्यों इतना समय और पैसा लगा रहे हैं ?

आइये समझने कोशिश करते हैं कि ऐसा क्यों होता है?

 आंकड़े बताते हैं कि करीब करीब 95 % से ज्यादा बच्चे नीचे लिखे 5 – 6 Career Options  ही चुनते हैं :

1 –  Engineering:  ज्यादातर  parents अपने बच्चों को इंजीनियर बनाना चाहते हैं

2 – Doctor :  यह भी सबसे पसंदीदा Career Options  में से एक है

–  बी. . , बी. एस. सी., बी. कॉम. :  बहुत बड़ी संख्या में बच्चे इन courses में भी दाखिला लेते हैं

4  – सी. . / सी. एस.

5   – एल.एल.बी. 

6 – Government Jobs के लिए तैयारी करते हैं

मेरे  दादाजी ( Grand  father) बताते थे कि  उनके ज़माने में भी लोग यही Career Options  चुनते थे।

पिताजी और मेरे समय पर भी लोग यही Career Options  चुनते थे.

मतलब पिछले 50 -60  वर्षों से लेकर आज तक लोग वही Career Options  आ रहे हैं जबकि दुनिया कहाँ से कहाँ पहुँच चुकी है।

सोचने वाली बात है कि  हम रह तो रहे हैं इक्कीसवीं सदी के भारत में लेकिन Career आज भी दादाजी के ज़माने का चुनते हैं. क्यों ?

क्या आपको मालूम है

भारत में प्रत्येक वर्ष लगभग 1  करोड़ बच्चे 12 वीं पास करते हैं.

लगभग 3   करोड़ से ज्यादा बच्चे विश्वविद्यालयों में पढाई कर रहे हैं।

इनमें से 95  % से ज्यादा बच्चे उपरोक्त 5 – 6 Career Options  को ही  चुनते हैं.

जब  95 % से ज्यादा बच्चे यही  5 – 6 Traditional Career Options  ही  चुनते है तो नतीजा क्या होता है ?

गलाकाट प्रतिस्पर्धा  (cut-throat compitition) 

मैं आपको एक आसान उदहारण के माध्यम से यह समझाने की कोशिश करता हूँ कि गलाकाट प्रतिस्पर्धा का नतीजा क्या होता है.   

नीचे  दो options  दिए हुए हैं आपको बताना है कि किस option  में जॉब मिलना आसान है :

Option 2  में,   क्यूं ?

क्यूंकि इसमें Jobs ज्यादा हैं और कैंडिडेट्स कम।

ये वही Career Options होंगे जिनके बारे में मैं इस ब्लॉग में आपसे चर्चा करूँगा जहाँ Job ज्यादा हैं.

 Option 1  में Jobs मिलना आसान क्यों नहीं है?

क्यूँकि इसमें Jobs /नौकरियां  कम हैं और कैंडिडेट्स ज्यादा हैं।

 ये वही ट्रेडिशनल Career Options हैं।

नीचे दिया समाचार इस बात की पुष्टि करता है.

आप देख सकते हैं की इन posts के लिए B.Tech.,M.BA. और Ph.D. Candidates तक ने apply किया है।

368  पदों के लिए 23  लाख से  ज्यादा आवेदन मतलब एक पद के बदले में 6250 लोगों के बीच में  कम्पटीशन है.

 जरा सोचिये ये 6250  कैंडिडेट्स जी तोड़ मेहनत करें, चौबीसों घंटे तैयारी करें तो भी नौकरी एक को ही मिलेगी।  

बाकी बचे हुए 6249  कैंडिडेट्स क्या करेंगे ? तैयारी , तैयारी और तैयारी।

 कब तक ?

 प्रश्न उठता है कि इतने सारे बच्चे इन्ही ट्रेडिशनल Career Options  को ही क्यों चुनते है ? यह जानते हुए भी की इनमें जॉब मिलने की संभावना कितनी कम है ? 

यहाँ दो संभावनाएं हैं –

a –   क्या  इन  50 -60  वर्षों में नए Career Options पैदा ही नहीं हुए ?

b –   या फिर options तो हैं लेकिन शायद हमें पता नहीं हैं

सही Career Guidance न होना इसकी एक बड़ी वजह हो सकती है .

हमें कौन गाइड करता है?

हमारे पेरेंट्स  , रिश्तेदार, टीचर्स , पडोसी और फ्रेंड्स।

 मुख्य रूप से ये लोग ही  बच्चो के Career Guide हैं.

देखने वाली बात यह है कि इनमें से ज्यादातर लोग इन्हीं  5 – 6 ट्रेडिशनल Career Options  के बारे ही जानते हैं  इसीलिए ये लोग भी यही Career Options suggest करते हैं। 

बहुत कम  बच्चे reliable sources से या Professional Career Guide/ Counselor  की सलाह पर अपने Career  का चुनाव करते हैं.

यह जानते हुए भी कि ” सही करियर का चुनाव जहाँ उनकी जिंदगी बेहतर बना सकता है वहीँ गलत करियर का चुनाव उनकी ज़िन्दगी मुश्किल भी बना सकता है.”

जॉब मिलने की संभावना बढ़ जाएगी यदि आप :

a – ऐसे Career Options  चुनते हैं जहाँ कैंडिडेट्स कम हों

b – Professional Career Guide की सलाह लें .

 यह ब्लॉग आपके लिए एक  प्रोफेशनल Career Guide की भूमिका निभाएगा.

2Career Growth : जॉब मिलने के बाद Career Growth  कैसी होगी ? 

सही Career Options  चुनने से आपको जॉब मिलने में आसानी हो जाएगी अब आपको यह देखना होगा की आपका Career कैसे  grow करेगा यानि अगले पांच से दस वर्षों में आप Career  के किस मोड़ पर होंगे।

 यह इस पर भी निर्भर करेगा कि आप खुद को समय के साथ कितनी तेजी से बदलते हैं.

3 – वर्किंग एनवायरनमेंट ( Working Environment ) :जहाँ आप काम कर रहे हैं वहां का Environment कैसा है ?

Career Options  चुनते समय यह भी एक important फैक्टर है जिसका ध्यान रखा जाना चाहिए.

इस ब्लॉग के माध्यम से मैं आपको ऐसे ही Career Options  के बारे में बताऊंगा जहाँ आपको Job / नौकरी मिलने में आसानी होगी , आपका Career  भी grow करेगा और साथ ही वर्किंग एनवायरनमेंट भी अच्छा होगा.

blog  पढ़ते रहिये।

और

अगले पोस्ट में जानिए एक ऐसे Career Options  के बारे में जहाँ Jobs  है, Career Growth है और Working Environment भी है.

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बहुत जल्द आपसे यूट्यूब पर भी मुलाकात होगी.

धन्यवाद्
आपका
अरुण त्रिपाठी

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क्यों ज़रूरी है चुनना – सही करियर विकल्प

मैं पिछले लगभग २५  वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहा हू। इस दौरान मुझे बच्चों और उनके पेरेंट्स से बातें करने का अवसर मिलता है. सबकी चिंता यही है की १२ वीं के बाद उन्हें कौन सा करियर ऑप्शन चुनना चाहिए जिससे कोर्स कम्पलीट करने के बाद एक तो उन्हें अच्छी सी नौकरी  मिल जाये ,  दूसरा उनका करियर भी ब्राइट हो । 

जैसा की सभी जानते हैं कि

करियर का चुनाव किसी की भी ज़िन्दगी का टर्निंग पॉइंट हो सकता है.”

सही करियर जहाँ बच्चे की ज़िन्दगी बेहतर बना सकता है वहीँ गलत करियर का चुनाव उनकी ज़िन्दगी मुश्किल बना सकता है।

सही कैरियर कैसे चुनें ? यह बच्चों और  उनके माता-पिता के लिए एक जटिल सवाल है।

मैं आपको कुछ उदहारण देता हूँ जिससे आपको समझने में आसानी होगी की सही करियर  विकल्प सही समय पर न  चुन पाने से बच्चो के जीवन पर इसका क्या असर पड़ता है:

उदाहरण :

कविता वर्मा  पिछले पांच वर्षों से दिल्ली में रहकर गवर्नमेंट जॉब की तैयारी कर रही हैं.  कविता उत्तरप्रदेश    के एक छोटे शहर की रहने वाली हैं जिनके पिता सरकारी विभाग  में क्लर्क हैं. कविता ने साइंस से ग्रेजुएशन किया और  उसके बाद कम्पटीशन की तैयारी शुरू की।  लोगों ने उन्हें सलाह दी कि  दिल्ली में रहकर वह अच्छे से तैयारी  कर पाएंगी इसलिए पांच वर्ष पूर्व वह दिल्ली आ गयीं,  पिछले कई वर्षों से सिविल सर्विसेस की तैयारी कर रही हैं.

उनका और उनके परिवार का सपना है की कविता को  एक अच्छी सरकारी नौकरी मिल जाये।

कविता ने शुरू के दो साल  एक प्रसिद्द कोचिंग संस्थान में दाखिला लिया, अब दिल्ली में रहकर खुद  ही तैयारी कर रही हैं. कई बार वह इंटरव्यू तक भी पहुंची पर फाइनल सिलेक्शन अभी तक नहीं हो पाया है.

आज वह २५-२६ वर्ष की हो चुकी हैं सफल होने का दबाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है.

दिल्ली के  मुकर्जीनगर में देश के कोने कोने से आये लाखों बच्चे कम्पटीशन की तैयारी कर रहे हैं.  कई अन्य छोटे और बड़े शहरों में  भी लाखों की संख्या में छात्र एवं छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सफल होने के लिए कड़ी मेहनत  कर रहे हैं. कई साल की तैयारी  के बाद कुछ बच्चे  तो सफल हो पाते हैं वहीँ ज्यादातर बच्चे अपने जीवन के कई वर्ष तैयारी में लगाने के बाद भी सफल नहीं हो पाते  और उसके बाद उनके  पास  घर वापस लौटने के अलावा कोई दूसरा  रास्ता नहीं  बचता है.

उदाहरण   :

सौरभ मध्यप्रदेश के एक छोटे शहर से हैं, पढाई में औसत थे फिर भी  परिवार के लोग उन्हें इंजीनियर बनाना चाहते थे। जब  दो वर्ष  की कड़ी मेहनत के बाद भी  आई आई टी और एन आई टी में सिलेक्ट नहीं हो सके तो  नॉएडा के  एक इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन दिलवा दिया गया. जैसे तैसे बीटेक भी  कर लिया, इस दौरान १० से १२ लाख रुपये खर्च हो गए। कॉलेज में कोई बड़ी कंपनी कैंपस प्लेसमेंट के लिए नहीं आई जो आई भी वो मात्र  १ -१. ५ लाख का सालाना पैकेज दे रही थी.

कोई और रास्ता न देख सौरभ वापस भोपाल आ गया. उसने अपने अन्य दोस्तों की तरह ही भोपाल में रहकर बैंक की तैयारी शुरू कर दी है. ४-५ वर्ष की तैयारी के बाद भी सफलता अभी  दूर ही है.

लगता है इंजीनियर बनने का सपना तो सपना ही रह जायेगा , अब चिंता यह है कि नौकरी भी मिल पायेगी या नहीं.

 सौरभ अन्य बच्चों की तरह अभी भी जी तोड़ मेहनत कर रहा है क्योंकि नौकरी करने के अलावा उसके पास दूसरा कोई रास्ता नहीं है.  

करोड़ों बच्चे  ग्रेजुएशन और पोस्ट  ग्रेजुएशन करके कई  वर्षों से बैंक/ रेलवे / एस. एस.सी. /सिविल सर्विसेस आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की  तैयारी कर रहे हैं.

आपको भी ऐसे कई उदहारण मिलेंगे। अब तो यह ज्यादातर मध्यमवर्गीय परिवार की कहानी है.

देश के हर शहर में लाखों करोड़ों बच्चे  प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं इस उम्मीद में की एक दिन उन्हें एक छोटी ही सही पर नौकरी मिल जाएगी. उनके साथ उनके माता पिता और पूरा परिवार कष्ट सहता है, त्याग करता है . पर नौकरी तो लाखों करोड़ों में से कुछ सैकड़ों को ही मिल पाती है बाकी लाखों करोड़ों  बच्चे अपनी जवानी  के कीमती साल तैयारी में  ही खपा देते हैं.

उदाहरण : आरिफ ने ग्रेजुएशन के बाद अपने पेरेंट्स और रिश्तेदारों की सलाह पर अपने शहर के ही कॉलेज से एम बी ए किया. आरिफ पढाई में औसत से ठीक था।  आई. आई. एम. जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होना उसके बस का नहीं था इसका ज्ञान उसे था और न ही उसके परिवार के पास इतने पैसे थे की वह दिल्ली , मुंबई जैसे बड़े शहरों के किसी अच्छे कॉलेज से एम. बी. ए. कर सके अतः उसने शहर का  ही कॉलेज चुना.

२ वर्ष में एम. बी. ए. करने के पश्चात् अपने प्रयासों से ही एक लोकल संस्थान में जॉब मिल गया है। सैलरी कामचलाऊ है करियर ग्रोथ के चांस भी काफी कम हैं.

ऊपर दिए तीनों उदाहरण यह बताते हैं की पढ़ाई लिखाई में औसत बच्चे , जो करोड़ों में हैं, के लिए जॉब मिलने के अवसर बहुत ही कम हैं.

सरकारी नौकरियां जहाँ कम  से कम  होती जा रहीं हैं  वहीँ प्राइवेट संस्थानों में भी प्रतियोगिता बढ़ती  जा रही है. उस पर भी अगर सही करियर विकल्प नहीं चुना तो मुश्किलें और बढ़ जाती हैं. 

नौकरी न मिलने की एक वजह इतनी संख्या में  नौकरियां न होना तो  है ही परन्तु सही करियर ऑप्शन का न चुन पाना भी एक बड़ा कारण  है. इस  ब्लॉग  को लिखने का एक बड़ा और मुख्य उद्देश्य इसके  माध्यम से  लाखों करोड़ों बच्चों को सही करियर विकल्प चुनने में उनकी मदद करना है.

यह ब्लॉग  देश में करोड़ों बच्चों का  करियर बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा । 

यह ब्लॉग :

आपको सही करियर ऑप्शंस के बारे में बताएगा

सफल बच्चों के साक्षात्कार  के द्वारा उनकी सफलता की कहानियां आप तक पहुंचाएगा

आपको विभिन्न सेक्टर्स में जॉब ओपनिंग्स के बारे में  लगातार अपडेट करता रहेगा

  आपको  इंडस्ट्री की  प्रसिद्द हस्तियों से उनके  इंटरव्यू / साक्षात्कार के माध्यम से रूबरू करवाएगा

–   आपको व्यक्तित्व विकास ( पर्सनालिटी डेवलपमेंट ) और इंटरव्यू में सफल होने की टिप्स भी देगा

इसके साथ साथ और भी बहुत कुछ होगा।

जल्द ही आप मुझे यूट्यूब पर भी देख पाएंगे.

 इन सभी जानकारियों के लिए आप प्रत्येक पोस्ट पढ़ते रहें, मुझे पूरा विश्वास है की आपको मनचाहा करियर ऑप्शंस  ज़रूर मिलेगा जो आपकी लाइफ का टर्निंग पॉइंट बन सकता है।

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धन्यवाद्

अरुण त्रिपाठी

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